Three sounds तीन आवाज़ें। आप जहां भी हों, इसमें एक मिनट लगता है। आंखें खुली या बंद। पहली आवाज़ सुनिए। सबसे पास वाली। कोई पंखा, कोई घड़ी, आपकी अपनी सांस। उसे मन ही मन नाम दीजिए। अब दूसरी आवाज़, थोड़ी दूर की। ट्रैफ़िक, किसी की आवाज़, कोई चिड़िया। उसे नाम दीजिए। अब तीसरी, सबसे दूर की, जो आपको मिल सके। उसे नाम दीजिए। तीनों आवाज़ों को यहां साथ रहने दीजिए, किसी के पीछे जाए बिना। एक और सांस, धीमी, अंदर और बाहर। जो कर रहे थे, उसमें आगे बढ़िए।