The younger you छोटे वाले आप। यह ट्रैक कुछ प्यार भरे शब्द हैं, उस इंसान के लिए, जो आप क़रीब बारह साल की उम्र में थे। आपसे यह नहीं कहा जा रहा कि जो हुआ था, उसे याद कीजिए, और कोई सीन नहीं बनाया जा रहा। बस आपकी एक तस्वीर, जैसे आप तब दिखते थे, और थोड़ा साथ। शुरू करने से पहले दो बातें। अगर किसी भी पल यह बहुत ज़्यादा लगे, तो आंखें खोलिए, कमरे को देखिए, और अपने दिन में वापस आ जाइए। और अगर कुछ तकलीफ़ देने वाला उभर आए, कोई याद या कोई एहसास, जिसकी आपको उम्मीद नहीं थी, तो आंखें खोलिए और रुक जाइए। यही सही फ़ैसला है। वह आपके Weave clinician के साथ किसी सेशन तक इंतज़ार कर सकता है। बैठिए या लेट जाइए। आंखें बंद, या खुली और सामने ज़मीन पर टिकी हुई। एक धीमी सांस बाहर। अब खुद को क़रीब बारह साल की उम्र में सोचिए, जैसे आप तब दिखते थे। क़द। बाल। वे कपड़े, जो आप सबसे ज़्यादा पहनते थे। तस्वीर में और कुछ होना ज़रूरी नहीं। कोई जगह नहीं, कोई दिन नहीं, कोई और नहीं। उस बच्चे को अपने सामने, या अपने बगल में होने दीजिए। बैठा हुआ, शायद। कुछ ख़ास करता हुआ नहीं। उसे वैसे देखिए, जैसे आप बारह साल के किसी भी बच्चे को देखते। अभी बड़ा नहीं हुआ। अभी चीज़ें समझ ही रहा है। अब, उससे कुछ शब्द, मन ही मन। आसान वाले। कुछ ऐसा: हेलो। मैं यहां हूं। मेरे साथ तुम ठीक हो। अगर और शब्द आएं, तो उन्हें प्यार भरा रखिए और छोटा रखिए। तुम्हें अलग होने की ज़रूरत नहीं थी। मुझे खुशी है कि तुम हो। अगर कोई शब्द न आए, तो उसके साथ बैठिए। धीरे-धीरे सांस लीजिए, और बच्चे को अपने साथ सांस लेने दीजिए। अगर बड़े वाले आप एक बात और कहना चाहें, तो अभी कह दीजिए। प्यार भरी रखिए। थोड़ी देर और रहिए। आप, बच्चा, सांस। अब तस्वीर को धीरे से धुंधला होने दीजिए। धकेल कर नहीं। पूरे शरीर को महसूस कीजिए, बड़े वाले शरीर को, और कुर्सी या बिस्तर पर उसके वज़न को। अगर आंखें बंद थीं, तो उन्हें धीरे से खुलने दीजिए। कमरे को देखिए। ध्यान दीजिए कि अभी आपकी उम्र क्या है। आप जब चाहें, उससे इसी तरह फिर मिल सकते हैं। आज बाक़ी दिन अपने साथ नरमी रखिए। अगर आप खतरे में हैं, या आपको लगता है कि आप खुद को सुरक्षित नहीं रख पा रहे, तो अपने Weave clinician को फ़ोन कीजिए, या Tele-MANAS को, एक चार चार एक छह पर, किसी भी वक़्त।