After a mistake गलती के बाद। यह ट्रैक उस घंटे के लिए है, जब आपसे कुछ गलत हो गया है। काम पर, घर पर, किसी ऐसे के साथ जिसकी आपको परवाह है। गलती सच है, और मन ने आप पर चढ़ाई शुरू कर दी है। बैठिए या खड़े रहिए, जहां भी हैं। आंखें खुली या बंद। एक लंबी सांस बाहर। पहले, जो हुआ। मन ही मन, एक सीधे-सादे वाक्य में कहिए कि क्या हुआ। मैंने गलत फ़ाइल भेज दी। मैंने आवाज़ ऊंची कर दी। मुझे याद नहीं रहा। बस वही, जैसे कोई ईमानदार गवाह कहता। ध्यान दीजिए कि मन कितना कुछ जोड़ना चाहता है। बेवकूफ़, फिर से, वही पुरानी बात। ये सच नहीं हैं। ये हमला हैं। उन्हें गुज़र जाने दीजिए, और उस एक सीधे-सादे वाक्य पर वापस आइए। अब एहसास। शायद चेहरे पर गरमी है, या पेट में कुछ डूबता सा, या दोनों। यह शर्म है, या डर, और दूसरों के सामने कुछ गलत हो जाने पर शरीर ऐसा ही करता है। तकलीफ़ देने वाला, पर खतरनाक नहीं। उसके चारों ओर सांस लीजिए। बाहर, लंबी और धीमी। फिर से। अगर मदद मिले, तो एक हाथ छाती पर रखिए। जैसे आप किसी दोस्त के लिए रखते। अब अगला क़दम। पूरी भरपाई नहीं। बस अगली चीज़। एक माफ़ी। सही की हुई फ़ाइल। सामने वाले को खुद बताना, इससे पहले कि उसे पता चले। या, अगर आज रात कुछ नहीं हो सकता, तो यह तय करना कि सुबह आप क्या कहेंगे। उसे चुनिए। अगर मन कहे कि यह गलती आपके बारे में कुछ साबित करती है, तो ध्यान दीजिए कि वह फिर हमला कर रहा है। गलती एक ऐसी चीज़ है, जो हो गई। आप कौन हैं, उसकी पूरी कहानी वह नहीं है। जो हुआ। एहसास। अगला क़दम। एक और लंबी सांस बाहर। अगर आंखें बंद थीं, तो आंखें खोलिए। जाइए और अगला क़दम उठाइए, या तब तक आराम कीजिए, जब तक उसका वक़्त न आए। अगर आप खतरे में हैं, या आपको लगता है कि आप खुद को सुरक्षित नहीं रख पा रहे, तो अपने Weave clinician को फ़ोन कीजिए, या Tele-MANAS को, एक चार चार एक छह पर, किसी भी वक़्त।