In a crowd भीड़ में। यह ट्रैक भीड़ वाली जगह के लिए है। ट्रेन, लाइन, शादी, बाज़ार। आंखें खुली रहती हैं। यहां आप जो भी करेंगे, आसपास किसी को नहीं दिखेगा। अगर हिलना पड़े, या किसी को जवाब देना पड़े, तो ट्रैक रोक दीजिए। पैरों से शुरू कीजिए। उन्हें फ़र्श में दबाइए, या सीढ़ी में, या ज़मीन में। महसूस कीजिए कि वह वापस धकेल रही है। अगर खड़े हैं, तो घुटनों को थोड़ा ढीला छोड़िए। अगर बैठे हैं, तो महसूस कीजिए कि सीट आपका वज़न ले रही है। अब हाथ। उनमें शायद कोई बैग है, कोई रेलिंग, कोई फ़ोन। ध्यान दीजिए कि वे क्या छू रहे हैं। उसकी बनावट, उसका ठंडा या गरम होना। जबड़े को ढीला होने दीजिए। दांत अलग, होंठ साथ। यह किसी को नहीं दिखता। नाक से सांस बाहर छोड़िए, धीरे से, आम से थोड़ी लंबी। यह भी किसी को नहीं दिखता। फिर से। अब, सिर को ज़्यादा घुमाए बिना, तीन चीज़ें ढूंढिए, जो आपको दिख रही हैं। कोई रंग। कोई बोर्ड। किसी के जूते। हर एक को मन ही मन नाम दीजिए। अब दो चीज़ें, जो शोर के नीचे सुनाई दे रही हैं। कोई अनाउंसमेंट। कोई बच्चा। कोई पंखा। भीड़ अब भी यहां है। आप अब भी उसमें हैं। हो सकता है अंदर एक मिनट पहले से थोड़ी ज़्यादा जगह हो, या अभी नहीं। अगर दबाव फिर बढ़े, तो पैरों पर वापस जाइए। फ़र्श, वज़न, जबड़ा, सांस बाहर। जितनी बार ज़रूरत हो। धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ते रहिए, और जब हिलना पड़े, ट्रैक को ख़त्म होने दीजिए।