Before the week begins हफ़्ता शुरू होने से पहले। यह ट्रैक रविवार शाम के लिए है, या जो भी शाम आपके हफ़्ते के शुरू होने से पहले आती है। आप हफ़्ते को एक बार, ठीक से देखते हैं, और फिर रात के लिए उसे नीचे रख देते हैं। कहीं आराम से बैठिए। आंखें खुली या बंद, जैसे आपको ठीक लगे। एक लंबी सांस बाहर। अब हफ़्ते को देखिए। बारीकी में नहीं। बस उसका ढांचा। दिन, क्या तय है, क्या खुला है। उसमें कहीं एक चीज़ है, जो बाक़ी से ज़्यादा मुश्किल लगती है। कोई मीटिंग, कोई डेडलाइन, कोई बातचीत, कोई लंबा दिन। उसे ढूंढिए। उसे सीधे-सादे शब्दों में नाम दीजिए। यह इस हफ़्ते की मुश्किल चीज़ है। अब पूछिए: एक छोटी सी चीज़ क्या है, जिससे यह थोड़ा आसान हो जाए? पहले निकलना। एक पन्ना तैयार करना। किसी को बताना कि आप घबरा रहे हैं। एक चुनिए। उस एक छोटी सी चीज़ को थामे रखिए। आज रात के लिए यही आपकी तैयारी है। बाक़ी हफ़्ता जहां है, वहीं रह सकता है। उसे अभी आपकी ज़रूरत नहीं है। अब हफ़्ते को नीचे रख दीजिए। सोचिए कि आप उसे बंद कर रहे हैं, किसी डायरी की तरह, और सुबह के लिए टेबल पर रख रहे हैं। कुर्सी पर शरीर को महसूस कीजिए। शाम अभी यहीं है। हफ़्ता अभी शुरू नहीं हुआ। एक और लंबी सांस बाहर। अगर हफ़्ता आज रात बाद में फिर घुस आए, तो उससे कहिए: मैंने देख लिया है, और बाक़ी सुबह तक इंतज़ार कर सकता है। अगर आंखें बंद थीं, तो आंखें खोलिए। अपनी शाम में आगे बढ़िए।