The first five minutes पहले पांच मिनट। यह ट्रैक उस काम के लिए है, जिसे आप टालते जा रहे हैं। वह, जो कई दिनों से वहीं पड़ा है। अगले पांच मिनट में आप उसे ख़त्म नहीं करने वाले। आप बस उसे शुरू करने वाले हैं। पहले, काम को मन ही मन नाम दीजिए, सीधे-सादे शब्दों में। वह ईमेल, वह फ़ॉर्म, वह चैप्टर, वह फ़ोन। अब उसे छोटा कीजिए। सबसे छोटा पहला क़दम क्या है? पूरा काम नहीं। फ़ाइल खोलना। पहली लाइन लिखना। नंबर ढूंढना। कुछ ऐसा चुनिए, जो एक मिनट से कम में हो जाए। ध्यान दीजिए कि पहले कुछ और करने का मन कर रहा है। फ़ोन देख लें, चाय बना लें, टेबल ठीक कर लें। यह खिंचाव आम बात है। शुरू करने के जितना पास आते हैं, यह उतना ही बढ़ता है। इसे रहने दीजिए। एक लंबी सांस बाहर। अब पहला क़दम उठाइए। फ़ाइल खोलिए, लाइन लिखिए, नंबर ढूंढिए। मैं यहीं इंतज़ार में हूं। काम शुरू हो गया है। अक्सर यही सबसे मुश्किल हिस्सा होता है। अगले छोटे से हिस्से के साथ आगे बढ़िए। अगर आप रुक गए हैं, तो कोई बात नहीं। जहां थे, वहीं से फिर पकड़िए। एक और छोटा सा हिस्सा। लगे रहिए। ट्रैक बस ख़त्म होने को है। पांच मिनट पूरे हुए। आप यहीं रुक सकते हैं। शुरू करना ही काम था, और वह आपने कर लिया। अगर आगे बढ़ना चाहें, तो बढ़िए, और अगला हिस्सा अक्सर पहले से आसान होता है। जो भी हो, ट्रैक बंद कीजिए और एक पल के लिए नज़र ऊपर उठाइए।