Before an exam or interview एग्ज़ाम या इंटरव्यू से पहले। यह ट्रैक किसी इम्तिहान से पहले के मिनटों के लिए है। एग्ज़ाम, इंटरव्यू, वाइवा, प्रेज़ेंटेशन। शरीर अक्सर मन से पहले तैयार हो जाता है: तेज़ दिल, ठंडे हाथ, कसा हुआ पेट। यह शरीर का तैयार होना है, शरीर का धोखा देना नहीं। बैठे हुए या खड़े हुए, आंखें खुली या बंद, जो भी आपकी जगह के हिसाब से ठीक हो। पैरों से शुरू कीजिए। दोनों ज़मीन पर। उन्हें थोड़ा नीचे दबाइए, और महसूस कीजिए कि ज़मीन वापस दबाती है। अब सांस। बड़ी सांस अंदर मत लीजिए। आम तरह से अंदर लीजिए, और धीरे-धीरे बाहर छोड़िए, अंदर की सांस से लंबी। फिर से। अंदर, आम तरह से। बाहर, लंबी और धीमी। और फिर से। बाहर की सांस लंबी रखिए। चलते रहिए। पैर ज़मीन पर, लंबी सांस बाहर। दिल अब भी तेज़ चल सकता है। आपके अच्छा करने के लिए उसका धीमा होना ज़रूरी नहीं। उसे तेज़ रहने दीजिए, और सांस बाहर छोड़ते रहिए। अब हाथ। अगर कसे हुए हैं, तो उन्हें खोलिए। हो सके तो एक बार झटक लीजिए, या हथेलियों को आपस में दबाकर छोड़ दीजिए। कंधों को गिरने दीजिए। जबड़े को ढीला होने दीजिए। अब एक वाक्य। मन ही मन, एक ऐसी बात कहिए, जो आपको पहले से आती है। कुछ ऐसा, जो आपने पढ़ा है, या एक जवाब, जिसका आपको पक्का यक़ीन है। आपको इससे ज़्यादा आता है। इस एक को सबूत की तरह थामे रखिए। एक बात और, अगर मन ख़ाली हो जाए तो। ख़ाली हो जाना आख़िर नहीं है। यह शरीर का अलार्म बजना है, और एक पल देने पर यह अक्सर गुज़र जाता है। अगर ऐसा हो, तो पैर ज़मीन पर, एक लंबी सांस बाहर, फिर सवाल को शुरू से दोबारा पढ़िए, या उसे दोबारा पूछने को कहिए। सांस धीमी होते ही शब्द आमतौर पर वापस आ जाते हैं। पैर। लंबी सांस बाहर। जब आप तैयार हों, अगर आंखें बंद थीं, तो आंखें खोलिए। सामने की किसी एक आम सी चीज़ को देखिए। फिर अंदर जाइए। तैयारी हो गई। अब आप वह काम कीजिए।