Body scan शरीर का स्कैन। यह दिन के वक़्त का अभ्यास है, शरीर जैसा है, उस पर ध्यान देने के लिए। आप कुछ ढीला करने या बदलने की कोशिश नहीं कर रहे। आप बस ध्यान दे रहे हैं, एक बार में एक हिस्से पर, सिर से लेकर पैरों तक। कुर्सी पर बैठिए, दोनों पैर ज़मीन पर, या चाहें तो लेट जाइए। आंखें खुली और नज़र नरम, या बंद। जिससे भी आप इसके साथ बने रह सकें। एक सांस थोड़ी धीमी बाहर छोड़िए। फिर सांस को नॉर्मल होने दीजिए। सिर के ऊपर से शुरू कीजिए। सिर की त्वचा। वहां जो भी है, उस पर ध्यान दीजिए। गरमी, दबाव, झनझनाहट, या कुछ खास नहीं। कुछ खास नहीं, यह भी एक जवाब है। माथा और आंखें। क्या यहां कुछ कसा हुआ है? उसे छोड़ना ज़रूरी नहीं। बस ध्यान दीजिए। जबड़ा, मुंह, जीभ। गर्दन और गला। कंधे। ध्यान दीजिए कि वे कहां टिके हैं। ऊंचे या नीचे, बराबर या ऊंचे-नीचे। बाहों से नीचे हाथों तक। उंगलियों पर ध्यान दीजिए। वे जो भी छू रही हैं, उस पर ध्यान दीजिए। छाती। यहां सांस की हलचल, चाहे कितनी भी छोटी हो। पेट। पीठ, ऊपर से लेकर रीढ़ के नीचे तक। ध्यान दीजिए कि उसे कहां सहारा मिल रहा है, और कहां वह खुद को संभाले हुए है। कूल्हे और नीचे का हिस्सा, कुर्सी या ज़मीन पर दबा हुआ। जांघें। घुटने और पिंडलियां। पैर। तलवे, एड़ियां, उंगलियां। उनके नीचे की ज़मीन पर ध्यान दीजिए। अब पूरा शरीर एक साथ, यहां बैठा या लेटा हुआ, सांस लेता हुआ। अगर इस बीच मन कहीं और चला गया, तो कोई बात नहीं। मन ऐसा ही करता है। हर बार जब आपको पता चलता है, आप वापस आ चुके होते हैं, और यही अभ्यास है। पूरे शरीर के साथ थोड़ी देर और बैठिए। जब आप तैयार हों, एक थोड़ी गहरी सांस अंदर लीजिए और बाहर छोड़िए। हाथों और पैरों को हिलाइए। आंखें बंद थीं तो खोलिए। कमरे को देखिए। फिर अपना दिन आगे बढ़ाइए।